ग्लोबल न्यूज़ – 31 अक्टूबर 2025 | दुनिया भर की प्रमुख घटनाएँ और पर्व

अमेरिका–चीन व्यापार समझौता: वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नई उम्मीद

अक्टूबर के अंतिम दिन वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में एक बड़ी हलचल देखी गई। अमेरिकी सीनेट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ (कर) को समाप्त करने का विधेयक पारित किया।
यह निर्णय दक्षिण कोरिया में हुई ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक के बाद आया है, जिसमें दोनों नेताओं ने आर्थिक तनाव को कम करने पर सहमति जताई।

चीन ने अमेरिका से सोयाबीन की ख़रीद फिर शुरू करने और दुर्लभ खनिज (Rare Earth) के निर्यात को जारी रखने का वादा किया है। साथ ही, चीन ने फेंटानिल जैसी अवैध दवाओं के व्यापार पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
एशियाई बाज़ारों में इस खबर के बाद सकारात्मक हलचल देखी गई, जिससे वैश्विक आर्थिक स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, 1 अक्टूबर से चल रही अमेरिकी सरकारी शटडाउन ने अब भी कई सरकारी सेवाओं को प्रभावित कर रखा है।

यूक्रेन में संघर्ष तेज़, नागरिकों पर गहराया संकट

यूक्रेन के ज़ापोरिज़्झिया क्षेत्र में रूसी हवाई हमले में एक व्यक्ति की मौत और कई घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
लगातार बढ़ते इस संघर्ष ने न सिर्फ़ पूर्वी यूरोप बल्कि पूरी दुनिया में ऊर्जा और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है।

विश्व शहर दिवस 2025: सतत और सुरक्षित भविष्य की ओर

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 31 अक्टूबर को हर साल विश्व शहर दिवस (World Cities Day) के रूप में मनाया जाता है।
2025 की थीम है — “Sustainable Urban Futures: Building Resilient and Inclusive Cities” यानी “सतत शहरी भविष्य – मजबूत और समावेशी शहरों का निर्माण”।
इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ते शहरीकरण, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव के बीच शहरों को अधिक रहने योग्य, सुरक्षित और हरित बनाना है।

अन्य वैश्विक घटनाएँ

ब्राज़ील के रियो डी जनेरियो में एक बड़े पुलिस अभियान में 60 से अधिक लोगों की मौत हुई, जिससे मानवाधिकारों को लेकर सवाल उठे हैं।
वहीं, जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में ग्लोबल मॉडल WHO 2025 सम्मेलन जारी है, जहाँ युवा प्रतिनिधि वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों पर चर्चा कर रहे हैं।

निष्कर्ष

31 अक्टूबर 2025 का दिन दुनिया के लिए कई मायनों में अहम रहा।
चाहे बात अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की हो, संघर्ष की या फिर सतत विकास की, यह दिन हमें याद दिलाता है कि वैश्विक एकता, शांति और सहयोग ही मानवता की सबसे बड़ी ताकत हैं।

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